25 जुलाई 2026 (शनिवार) का दिन सनातन धर्म के लिए अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी (अषाढ़ी) एकादशी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और यहीं से चातुर्मास का शुभारंभ होता है।
देवशयनी एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर विष्णु सहस्रनाम, श्रीमद्भगवद्गीता और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
आज का पंचांग (25 जुलाई 2026)
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल
- वार: शनिवार
- तिथि: एकादशी (प्रातः 11:36:40 बजे तक), इसके बाद द्वादशी
- नक्षत्र: ज्येष्ठा (पूर्ण रात्रि तक)
- योग: ब्रह्म योग (रात्रि 09:08:49 बजे तक)
- करण: विष्टि (11:36:40 बजे तक), इसके बाद बव
- विक्रम संवत: 2083
- प्रविष्टे/गत्ते: 9
देवशयनी एकादशी का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार महीने बाद देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें विवाह सहित कई मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं। भक्त इस दिन व्रत, दान, भजन-कीर्तन और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
पूजा के लिए विशेष सुझाव
- प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- पीले पुष्प, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें।
- विष्णु सहस्रनाम एवं गीता का पाठ करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।
