28 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि शाम 6 बजकर 21 मिनट 36 सेकंड तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्दशी और पूर्णिमा दोनों ही भगवान शिव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती हैं।
आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 12 मिनट 15 सेकंड तक रहेगा। इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव प्रारंभ होगा। वहीं विश्कुम्भ योग रात 11 बजकर 33 मिनट 24 सेकंड तक रहेगा। वणिज करण शाम 6 बजकर 21 मिनट 36 सेकंड तक रहेगा।
आज का पंचांग (28 जुलाई 2026)
- मास: आषाढ़
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: चतुर्दशी (शाम 6:21:36 तक), इसके बाद पूर्णिमा
- वार: मंगलवार
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (दोपहर 1:12:15 तक)
- योग: विश्कुम्भ (रात 11:33:24 तक)
- करण: वणिज (शाम 6:21:36 तक)
- विक्रम संवत: 2083
- प्रविष्टे / गत्ते: 12
धार्मिक महत्व
आज चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है। शाम के बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होने से भगवान विष्णु, चंद्रदेव और माता लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु इस दिन दान, जप, ध्यान और पूजा-पाठ कर पुण्य की प्राप्ति का प्रयास करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा से पहले की चतुर्दशी आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और शुभ कार्यों की तैयारी का दिन मानी जाती है।
