हिन्दू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह, व्यापार या धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आइए जानते हैं मंगलवार, 4 अगस्त 2026 का सम्पूर्ण पंचांग और दिन का धार्मिक महत्व।
आज का पंचांग (4 अगस्त 2026)
- वार: मंगलवार
- पूर्णिमांत मास: श्रावण
- अमांत मास: आषाढ़
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: षष्ठी (रात्रि 10:05:35 बजे तक), इसके बाद सप्तमी तिथि
- नक्षत्र: रेवती (रात्रि 9:54:55 बजे तक)
- योग: धृति (शाम 7:33:01 बजे तक)
- करण: गर (प्रातः 10:34:55 बजे तक), इसके बाद वणिज (रात्रि 10:05:35 बजे तक)
- विक्रम संवत: 2083
- प्रविष्टे / गत्ते: 19
आज का धार्मिक महत्व
आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे भगवान कार्तिकेय तथा देवी उपासना के लिए शुभ माना जाता है। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और कच्चा दूध अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से पूजा-अर्चना करते हैं।
रेवती नक्षत्र को शुभ और मंगलकारी माना जाता है। यह नक्षत्र नए कार्यों की योजना, धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माना जाता है। धृति योग भी मानसिक स्थिरता, सकारात्मक ऊर्जा और शुभ कार्यों के लिए लाभदायक माना जाता है।
आज क्या करें?
- भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या फल का दान दें।
- परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लें।
- सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखें।
4 अगस्त 2026 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रावण मास, कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, रेवती नक्षत्र और धृति योग का यह शुभ संयोग पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग और विद्वान ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य करें।
