शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर कुठार उपतहसील के अंतर्गत स्थित माँ चंडी मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की खूब चहल-पहल देखने को मिल रही है। मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बढ़ने से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु अपनी कुलदेवी माँ चंडी के दरबार में माथा टेककर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
नवरात्र के दौरान प्रदेश के विभिन्न शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसी कड़ी में माँ चंडी मंदिर कुठार में भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर में श्रद्धा, उमंग और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
नवरात्र में माँ चंडी के दरबार में बढ़ी श्रद्धालुओं की चहल-पहल
माँ चंडी मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्र के दिनों में भक्तों की संख्या विशेष रूप से बढ़ जाती है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ अन्य क्षेत्रों से आने वाले भक्त भी माता के दरबार में शीश नवाकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं।
श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माँ चंडी की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा मंगलकामना के लिए प्रार्थना करते हैं। नवरात्र के कारण मंदिर में धार्मिक गतिविधियां भी विशेष उत्साह के साथ आयोजित की जा रही हैं।
पंडित पवन कुमार शर्मा ने बताई नवरात्र पूजा की महिमा
माँ चंडी मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित पवन कुमार शर्मा ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन पूरे वर्ष जारी रहता है, लेकिन नवरात्र के दौरान विशेष रूप से अधिक संख्या में भक्त माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
उन्होंने नवरात्र के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि माँ ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी विधिपूर्वक पूजा-उपासना करने से भक्तों को मानसिक शक्ति, धैर्य और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
नवरात्र के प्रत्येक दिन माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत, पूजा-पाठ, मंत्र-जाप और भजन-कीर्तन के माध्यम से माता की आराधना करते हैं।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए विशेष प्रबंध
मंदिर समिति के प्रधान चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से विशेष प्रबंध किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिदिन सुबह और शाम माँ चंडी की आरती की जा रही है। इसके साथ ही भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता की महिमा का गुणगान करते हैं।
मंदिर समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजित इन धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करने और भक्ति में शामिल होने का अवसर मिल रहा है।
हर मंगलवार को होता है सामूहिक हनुमान पाठ
माँ चंडी मंदिर में धार्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए मंदिर समिति की ओर से एक विशेष पहल भी की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार शाम को सामूहिक हनुमान पाठ का आयोजन किया जाता है।
इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालु एकत्रित होकर हनुमान जी का पाठ करते हैं और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। सामूहिक पाठ के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बन जाता है।
मंदिर समिति की इस पहल को धार्मिक गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सामूहिक रूप से पूजा-पाठ की परंपरा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आस्था और भक्ति का केंद्र बना माँ चंडी मंदिर
शारदीय नवरात्र के अवसर पर माँ चंडी मंदिर कुठार में दिखाई दे रही श्रद्धालुओं की चहल-पहल क्षेत्र की धार्मिक आस्था को दर्शाती है। सुबह-शाम की आरती, भजन-कीर्तन और मंगलवार को होने वाला सामूहिक हनुमान पाठ मंदिर के धार्मिक वातावरण को और विशेष बना रहे हैं।मंदिर समिति तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। नवरात्र के दौरान माँ चंडी के दरबार में पहुंचकर भक्त अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं और माता रानी से सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
