राजीव ख़ामोश , कुठाड़ : सेवा, अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए बी. एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में आयोजित सात दिवसीय वार्षिक एनएसएस शिविर का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। समापन समारोह में सेवानिवृत्त एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाचार्य भूपेंदर गुप्ता ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
समारोह की शुरुआत एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, एनएसएस गान और शानदार परेड के साथ हुई। मंच संचालन कर रही शिवानी शर्मा ने मुख्यातिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और सात दिवसीय शिविर के समापन समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
58 स्वयंसेवकों ने लिया शिविर में भाग
एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा एवं पुरुषोत्तम लाल ने बताया कि सात दिवसीय शिविर में विद्यालय के कुल 58 एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सरोकारों को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाया।
स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर के साथ-साथ गोद लिए गांव हाटकोट, कुनिहार, मंगला माता परिसर और शिव गुफा सहित विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा एवं सुंदर बनाए रखने का संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटकों और जागरूकता रैलियों से दिया सामाजिक संदेश
एनएसएस शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटकों, जागरूकता रैलियों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
विद्यार्थियों ने समाज में व्याप्त विभिन्न बुराइयों, नशे के दुष्प्रभावों और स्वच्छता के महत्व को लेकर प्रभावी संदेश दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए आम लोगों को भी जागरूकता अभियानों से जोड़ने का प्रयास किया।
विभिन्न विषयों पर स्रोत व्यक्तियों ने किया मार्गदर्शन
सात दिनों के दौरान स्वयंसेवकों के लिए प्रतिदिन अलग-अलग रचनात्मक, ज्ञानवर्धक और जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया।
विभिन्न विभागों से पहुंचे स्रोत व्यक्तियों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता, आध्यात्मिकता, अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन मूल्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में आने वाली चुनौतियों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिला।
मुख्यातिथि ने बताया NSS शिविरों का महत्व
मुख्यातिथि भूपेंदर गुप्ता ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस जैसे शिविर विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन का अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसे शिविरों से विद्यार्थियों में सेवा भावना, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मविश्वास विकसित होता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यातिथि ने सात दिवसीय शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विद्यालय अध्यक्ष, एनएसएस प्रभारी और समस्त अध्यापक वर्ग की सराहना की।
मेताली ने प्रस्तुत की सात दिवसीय शिविर की रिपोर्ट
समापन समारोह में एनएसएस स्वयंसेविका मेताली ने सात दिवसीय शिविर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों, स्वच्छता अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों की जानकारी दी।
रिपोर्ट के माध्यम से उपस्थित लोगों को स्वयंसेवकों द्वारा सात दिनों के दौरान किए गए सेवा कार्यों और सामाजिक गतिविधियों से अवगत करवाया गया।
स्वयंसेवकों को मेडल और उत्कृष्ट प्रदर्शन पर पुरस्कार
समापन समारोह के दौरान मुख्यातिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा सभी एनएसएस स्वयंसेवकों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वहीं, शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को विशेष रूप से पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इससे स्वयंसेवकों में उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी पूनम शर्मा, पुरुषोत्तम लाल एवं मोनिका कुमारी को भी उनके योगदान के लिए मुख्यातिथि एवं विद्यालय अध्यक्ष द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
विदाई गीत ने किया समारोह को भावुक
समारोह में पीटीए अध्यक्ष रतन तंवर, पीटीए के समस्त सदस्य, विद्यालय का समस्त स्टाफ, एनएसएस स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण विदाई गीत ने समारोह को भावुक कर दिया। सात दिनों तक एक साथ सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में जुटे स्वयंसेवकों ने विदाई गीत के माध्यम से शिविर की यादों को भावनात्मक रूप से संजोया।
समापन समारोह के बाद सभी अतिथियों, अध्यापकों और एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना हुई मजबूत
बी. एल. सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर विद्यार्थियों के लिए सीख, सेवा और अनुभव का महत्वपूर्ण अवसर रहा। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
