26 जुलाई 2026, रविवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज शुक्ल प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आज द्वादशी तिथि दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। ज्येष्ठा नक्षत्र प्रातः 7:35 बजे तक रहेगा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा। वहीं एन्द्र योग रात 10:05 बजे तक प्रभावी रहेगा, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज का पंचांग (26 जुलाई 2026)

  • वार: रविवार
  • मास: आषाढ़
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: द्वादशी (दोपहर 2:00:32 बजे तक)
  • इसके बाद: त्रयोदशी
  • त्यौहार / व्रत: शुक्ल प्रदोष व्रत
  • नक्षत्र: ज्येष्ठा (सुबह 7:35:57 बजे तक)
  • योग: एन्द्र (रात्रि 10:05:20 बजे तक)
  • करण: बालव (2:00:32 बजे तक), इसके बाद कौलव
  • विक्रम संवत: 2083
  • प्रविष्टे / गत्ते: 10

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर सायंकाल प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प से अभिषेक करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने और परिवार में सुख-शांति आने की मान्यता है।

धार्मिक मान्यता

द्वादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।

 

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