हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में आयोजित राज्य स्तरीय सायर मेले 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सड़क सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के सीबीएसई स्कूलों में अगले तीन माह के भीतर 2,000 और शिक्षकों की नियुक्ति करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कुछ माह पहले राज्य में 150 सीबीएसई स्कूल खोलने का निर्णय लिया था। इन स्कूलों में शिक्षकों का चयन योग्यता के आधार पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रत्येक सीबीएसई स्कूल में पांच से आठ शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है और शेष पदों को भी जल्द भरा जाएगा।
सरकारी स्कूलों में सीबीएसई स्तर की शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निजी स्कूलों में सीबीएसई शिक्षा हासिल करना काफी महंगा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं कम खर्च में उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने दिग्गल, भूमती और जय नगर के स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों में परिवर्तित करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार आवश्यक कदम उठा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं
सायर मेले के मंच से मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में 15 से 19 वर्ष पुराने उपकरणों को आधुनिक मशीनरी से बदला गया है और जांच सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में हाल ही में 200 चिकित्सकों की भर्ती की गई है, जबकि जल्द ही 228 और चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी। अर्की क्षेत्र में भी शीघ्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध करवाने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थापित आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की गई है और अदरक को न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के अंतर्गत लाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ उपलब्ध करवाना है।
किशाऊ परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने रखी सरकार की बात
मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से जुड़े समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए शर्तों पर समझौता सुनिश्चित किया।
उन्होंने दावा किया कि यदि पूर्व निर्धारित शर्तों को स्वीकार किया जाता तो हिमाचल प्रदेश पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था और राज्य संभावित वार्षिक आय से भी वंचित हो सकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों को पानी की आवश्यकता है, उन्हें ही विद्युत परियोजना की लागत वहन करनी चाहिए। उन्होंने इस विषय में हिमाचल के हितों की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
भूमि आवंटन और भ्रष्टाचार पर भी मुख्यमंत्री का हमला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में भूमि आवंटन को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करीब 5,000 बीघा भूमि कुछ उद्योगपतियों को बिना पंजीकरण शुल्क के आवंटित किए जाने की बात सामने आई है और सरकार ऐसे मामलों की समीक्षा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने से लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उनके अनुसार इन संसाधनों का उपयोग विधवाओं, बच्चों और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के माध्यम से अर्जित संपत्तियों की जांच की जा रही है और अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियां पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अर्की क्षेत्र के लिए सड़क और बस सेवा की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने अर्की क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कुनिहार-सारमा, मांगू-मलावण, जाबल-जय नगर, भूमती-डाडल-पिपलूघाट तथा कोहू-भियूंकरी वाया सौर सड़कों की मरम्मत के लिए धन उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
विधायक संजय अवस्थी की मांग पर अर्की में कौशल विकास केंद्र खोलने के प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा शिमला-धैना बस सेवा बहाल करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।
388 वर्षों पुराना है अर्की का सायर मेला
कार्यक्रम में अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि सायर मेला क्षेत्र की ऐतिहासिक और पारंपरिक पहचान है तथा इसकी परंपरा पिछले 388 वर्षों से चली आ रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अर्की क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं और मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की विभिन्न मांगों को पूरा किया है।
काली माता मंदिर में की पूजा-अर्चना
सायर मेले के समापन समारोह से पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की शांति, सुख एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, विधायक हरदीप सिंह बावा, विभिन्न बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, सोलन जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वर्माणी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
नोट: ऊपर की खबर में मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में कही गई बातों और घोषणाओं को समाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विवादित राजनीतिक आरोपों को मुख्यमंत्री के कथन के रूप में ही रखा गया है। उपलब्ध आधिकारिक हिमाचल सरकारी सामग्री भी राज्य सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी पहलों की रिपोर्टिंग करती है।


