Category: धर्म

नए साल में महिलाओं के लिए 3 शुभ काम | लक्ष्मी माता खुश रहेंगी

नए साल की शुरुआत हर घर में विशेष महत्व रखती है। विशेषकर महिलाओं के लिए साल के पहले दिन किए जाने वाले कुछ खास कार्य पूरे साल में सुख, समृद्धि…

पौष पूर्णिमा 2026: 2 या 3 जनवरी? माघ का पहला स्नान कब होगा

पूर्णिमा केवल एक तिथि नहीं बल्कि एक पावन पर्व मानी जाती है। इस दिन गंगा, नर्मदा, यमुना जैसी पवित्र नदियों के तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती…

माघ मेले में करें ये 5 दान | पितृ होंगे प्रसन्न

माघ मेला हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। माघ मेला 2026 की शुरुआत 3 जनवरी से होगी और इसका अंतिम पवित्र स्नान 15 फरवरी, महाशिवरात्रि के दिन संपन्न…

पौष पूर्णिमा पर न करें ये 5 गलती | नाराज होंगी माता लक्ष्मी

हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। वर्ष 2026 में पौष पूर्णिमा 3 जनवरी को मनाई जाएगी। हालांकि, पौष पूर्णिमा का व्रत 2 जनवरी को रखा जाएगा,…

शादी में इन लोगों को बुलाना है जरूरी, नहीं तो हो सकती है अनहोनी

अगर आपके घर में जल्द ही शहनाई बजने वाली है, तो परंपरा के मुताबिक शादी की तैयारियों की शुरुआत कुछ खास निमंत्रणों से जरूर करें। उज्जैन के प्रसिद्ध वास्तु और…

वृश्चिक संक्रांति सूर्य मंत्र: सुख-सौभाग्य व सेहत लाभ

रविवार को वृश्चिक संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे…

शिव-विष्णु के पुत्र की रहस्यमयी जन्म कथा

हिंदू धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों प्रमुख देवता हैं। महादेव के दो प्रसिद्ध पुत्र — कार्तिकेय और गणेश — के बारे में तो सब जानते हैं, लेकिन क्या…

दिवाली पर क्यों बनाई जाती है धनलक्ष्मी पोटली? जानिए क्या रखें इसमें

दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से जुड़ा हुआ है। इस दिन हर कोई माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए खास उपाय करता है ताकि घर में सुख,…

गोवर्धन पूजा 56 भोग का रहस्य: क्यों और क्या-क्या लगता है?

दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना का विशेष महत्व होता है। सुबह-सुबह…

ग्रहण और सूतक में क्या करें और क्या न करें

प्राचीन शास्त्रों में ग्रहण और सूतक काल से जुड़े अनेक नियम बताए गए हैं। वसिष्ठ ऋषि के अनुसार –“पुत्रजन्म, यज्ञ, सूर्य संक्रांति और सूर्य-चंद्र ग्रहण के समय रात्रि में भी…

error: Content is protected !!