Category: धर्म

2026 में युद्ध, आपदा और एलियंस? बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी

जैसे ही हम 2025 का अंतिम दिन और नए साल 2026 की शुरुआत मना रहे हैं, लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है कि नया साल हमारे लिए क्या लेकर आएगा।…

फरवरी 2026 विवाह भगवान शिव की कृपा से दांपत्य जीवन बनेगा सुखमय

सनातन धर्म में फाल्गुन मास को अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। यह मास भगवान शिव की आराधना को समर्पित माना गया है। इसी पावन महीने…

नए साल के 5 शुभ संकेत और मां लक्ष्मी कृपा

नया साल केवल तारीख नहीं बदलता, बल्कि यह नई उम्मीदों और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश लेकर आता है। शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार यदि नए साल के पहले दिन…

श्री हरि स्तोत्रम् पाठ से विष्णु कृपा और सुख-समृद्धि

श्रीहरि स्तोत्र भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली और शक्तिशाली स्तोत्र है। मान्यता है कि इसका नियमित पाठ करने से जीवन के सभी प्रकार के दुख, कष्ट और बाधाएं…

पौष पुत्रदा एकादशी कथा | राजा सुकेतुमान की पावन कथा

पौष पुत्रदा एकादशी हिंदू धर्म में संतान प्राप्ति और मोक्ष देने वाला अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना गया है। इस एकादशी से जुड़ी राजा सुकेतुमान की कथा आज भी श्रद्धालुओं को…

बिना कारण तनाव? चंद्र दोष के लक्षण और पौष पूर्णिमा उपाय

कई बार व्यक्ति के जीवन में बिना किसी स्पष्ट कारण के मानसिक अशांति, चिंता, डर या आत्मविश्वास की कमी बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका एक बड़ा कारण…

पौष पुत्रदा एकादशी 2025: सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

सनातन धर्म में पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। यह एकादशी साल में दो बार आती है – एक बार सावन महीने के शुक्ल पक्ष में और दूसरी…

भगवान को क्या नहीं चाहिए? शास्त्रों में लिखा

पूजा-पाठ के दौरान कई बार लोग शास्त्रों में निषिद्ध चीजें भी अर्पित कर देते हैं। इससे न केवल पूजा अधूरी मानी जाती है, बल्कि अशुभ ऊर्जा का भी प्रवेश हो…

बच्चे का नाम रखते समय ये बातें जरूर जान लें

भारतीय संस्कृति में बच्चे का नाम रखना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण और पवित्र संस्कार माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे नामकरण संस्कार कहा गया है।…

1 जनवरी 2026 का पहला प्रदोष व्रत | भोलेनाथ कृपा

1 जनवरी 2026 को वर्ष का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो इस बार गुरुवार को पड़ रहा है। इस कारण इसे विशेष रूप से गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।…

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