Category: धर्म

12 वर्षों बाद शुरू हो रहा महाकुंभ मेला 2025, जानें महत्व और पौराणिक कथा

महाकुंभ मेला 2025, जो दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी 2025 से शुरू हो रहा है। पौष पूर्णिमा से शुरू होने…

लोहड़ी 2025: कब और कैसे मनाएं यह प्रमुख त्योहार

लोहड़ी का पर्व उत्तर भारत, खासकर पंजाब में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व फसलों की बुवाई और सूर्य देव की पूजा से जुड़ा हुआ है। यह विशेष…

2025 में होने वाले सूर्य ग्रहण के बारे में जानें

नया साल 2025 आ चुका है, और इसके साथ ही खगोलशास्त्र की महत्वपूर्ण घटनाओं में एक और ग्रहण का आगमन हो रहा है। सूर्य ग्रहण हमेशा से लोगों की जिज्ञासा…

पूजा में इन बातों का रखें ध्यान – जानें वास्तुशास्त्र के नियम

सुबह पूजा करना हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन, वास्तुशास्त्र के अनुसार पूजा के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सही दिशा, साफ-सफाई और पूजावस्तुओं…

मंडी का ऐतिहासिक एकादश रूद्र मंदिर: 11 शिवलिंगों की पूजा का अनोखा स्थल

हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला, जिसे “छोटी काशी” के नाम से जाना जाता है, अपने प्राचीन मंदिरों और देव संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां 80 से अधिक मंदिर हैं,…

केरल के अनोखे मंदिर में भगवान को चढ़ाई जाती है चॉकलेट

भारत अपनी विविधताओं और धार्मिक आस्थाओं के लिए जाना जाता है। हर राज्य में अनोखे रीति-रिवाज और परंपराएं देखने को मिलती हैं। ऐसा ही एक अनोखा मंदिर केरल के अलेप्पी…

महाकुंभ मेला 2025: क्यों होता है 12 साल में एक बार

महाकुंभ मेला 2025: दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ मेला 2025, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक समागम माना जाता है, इस बार विशेष ज्योतिषीय योग में…

शरभंग मुनि: मोक्ष के प्रतीक तपस्वी

रामायण महाकाव्य में शरभंग मुनि का विशेष स्थान है। उनकी तपस्या, त्याग, और श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति ने उन्हें ब्रह्मज्ञान और मोक्ष के मार्ग का प्रतीक बना दिया। दंडकारण्य…

मूर्ति पूजा का महत्व: परंपरा, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा

हिंदू धर्म में मूर्ति पूजा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मान्यताओं से गहराई से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान की…

खरमास 2024: शुभ कार्यों पर रोक और सूर्य मंत्र का महत्व

दिसंबर का महीना आते ही ज्योतिषीय दृष्टिकोण से खरमास का समय शुरू हो जाता है। इस वर्ष खरमास 16 दिसंबर 2024 से 14 जनवरी 2025 तक रहेगा। खरमास को मलमास…

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