हिमाचल प्रदेश के कुनिहार क्षेत्र में प्रदेश सरकार के एक फैसले ने स्थानीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को CBSE बोर्ड से जोड़ने और इसे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज करने के निर्णय के खिलाफ महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
स्थानीय मातृशक्ति ने इस फैसले के विरोध में कुनिहार बाजार और मुख्य मार्ग पर रोष रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि इस फैसले का सीधा असर छोटे बच्चों पर पड़ेगा। कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को अब करीब एक किलोमीटर दूर ऊंचा गांव जाना पड़ेगा, जो उनके लिए सुरक्षित नहीं है। कोठी, कंडला, कामला और पुलहाड़ा जैसे गांवों से आने वाले बच्चों को व्यस्त मुख्य सड़क पार करनी पड़ेगी, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
महिलाओं ने यह भी साफ किया कि वे अपने बच्चों को CBSE बोर्ड में नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश बोर्ड में ही पढ़ाना चाहती हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने बिना पूर्व सूचना के बच्चों पर नया और कठिन सिलेबस थोप दिया है। अभिभावकों को डर है कि जो बच्चे अभी मुश्किल से पास हो पाते हैं, वे CBSE के कठिन पाठ्यक्रम में पिछड़ सकते हैं।

इस प्रदर्शन में गोमती देवी, कौशल्या कंवर, पुष्पा, मोनिका, अंजली, प्रभा, उमा, शीला, मीना, सुषमा और तृप्ता देवी सहित कई महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
