हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बड़ा और सकारात्मक मोड़ ले लिया है। अब देवभूमि की महिलाओं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC Shimla में अत्याधुनिक सुविधाओं की शुरुआत ने इलाज को पहले से अधिक आसान और सुलभ बना दिया है।
अब तक महिलाओं के इलाज के लिए मुख्य रूप से Kamla Nehru Hospital पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए IGMC में भी प्रसूति एवं स्त्री रोग (Gynaecology OPD) की शुरुआत कर दी है। यह OPD फिलहाल IGMC के ब्लॉक-ए की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रही है और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए KNH और IGMC दोनों जगहों पर सेवाएं समानांतर रूप से जारी रहेंगी।

इतना ही नहीं, भर्ती होने वाली महिलाओं के लिए ब्लॉक-बी की पांचवीं मंजिल पर एक विशेष वार्ड भी तैयार किया गया है। आने वाले समय में पूरी स्त्री रोग यूनिट IGMC में शिफ्ट होने की योजना है, जिससे इलाज और अधिक संगठित और बेहतर हो सकेगा।

इस बीच, सबसे बड़ी राहत कैंसर मरीजों के लिए आई है। अब IGMC में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान संभव हो सकेगी। पहले इस तरह की जांच के लिए मरीजों को चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी होती थी। लेकिन अब यह सुविधा राज्य के भीतर ही उपलब्ध होने से मरीजों को तेज और सटीक इलाज मिल सकेगा।

IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव के अनुसार, इन नई सुविधाओं का उद्देश्य हिमाचल के लोगों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इससे न केवल मरीजों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी आत्मनिर्भर बनेगी।
