हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 जून 2026, बुधवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आज तृतीया तिथि रात्रि 9 बजकर 41 मिनट 34 सेकंड तक रहेगी, इसके पश्चात चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
आज पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 38 मिनट 20 सेकंड तक रहेगा। इसके बाद अगले नक्षत्र का आरंभ होगा। वहीं घ्रुव योग रात्रि 8 बजकर 51 मिनट 10 सेकंड तक प्रभावी रहेगा, जिसे स्थिरता, सफलता और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
करण की बात करें तो आज तैतिल करण सुबह 11 बजकर 14 मिनट 50 सेकंड तक रहेगा। इसके बाद गर करण रात्रि 9 बजकर 41 मिनट 34 सेकंड तक रहेगा।
आज का पंचांग (17 जून 2026)
- मास: ज्येष्ठ
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: तृतीया (रात्रि 09:41:34 तक)
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: पुनर्वसु (दोपहर 01:38:20 तक)
- योग: घ्रुव (रात्रि 08:51:10 तक)
- करण: तैतिल (11:14:50 तक), इसके बाद गर
- विक्रम संवत: 2083
- प्रविष्टे / गत्ते: 3
धार्मिक महत्व
शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को सनातन धर्म में शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा करने से सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। घ्रुव योग के प्रभाव से किए गए शुभ कार्यों में स्थिरता और सफलता मिलने की मान्यता है। पुनर्वसु नक्षत्र आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए भी अनुकूल माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष संदेश
आज श्रद्धालु प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी माना गया है। धार्मिक ग्रंथों के पाठ, जप और ध्यान से मानसिक शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
