मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला सोलन के कंडाघाट में दिव्यांगजनों के लिए स्थापित किए जाने वाले दिव्यांगजन शिक्षा उत्कृष्टता केंद्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समावेशी विकास और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र 45 बीघा भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिस पर लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप इस परियोजना का शिलान्यास निर्माण कार्य के लगभग 25 प्रतिशत पूर्ण होने के बाद किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण का कार्य इस वर्ष अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
300 दिव्यांग बच्चों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उत्कृष्टता केंद्र में 300 दिव्यांग बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल मैदान और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। साथ ही केंद्र में 500 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना भी स्थापित की जाएगी, जिससे यह संस्थान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
शिक्षा, कौशल विकास और अनुसंधान पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह संस्थान दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा, विशेष शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाएगा। इसके अलावा दिव्यांगता की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र प्रदेश में दिव्यांगजनों की शिक्षा के लिए अपनी तरह का पहला संस्थान होगा, जो भविष्य में देशभर के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगा।
महिलाओं के लिए कामकाजी छात्रावास का भी निर्माण
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संस्थान के अंतर्गत 15 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महिलाओं के लिए कामकाजी छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे दिव्यांग महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सके।
दिव्यांगजनों के लिए सरकार की प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, वित्तीय सहायता, पुनर्वास सेवाएं, शिक्षा और कौशल विकास के अवसर प्रदान कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को 625 रुपये से 3,750 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में 1,150 रुपये से 1,700 रुपये तक की राशि प्रदान की जा रही है।
इसके अतिरिक्त विवाह के लिए 40 से 74 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर 50 हजार रुपये का विवाह अनुदान दिया जा रहा है।
शिमला में विशेष आवासीय विद्यालय भी स्थापित
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला के हीरानगर में बौद्धिक रूप से अविकसित दिव्यांग बच्चों के लिए राज्य का पहला आवासीय विशेष विद्यालय स्थापित किया गया है, जहां 6 से 18 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है।
कंडाघाट और सोलन को विकास की सौगात
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सोलन अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधाओं और ट्रॉमा सेंटर के लिए 50 करोड़ रुपये, सिविल अस्पताल कंडाघाट के लिए 5 करोड़ रुपये और कंडाघाट खेल मैदान के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
इसके साथ ही उन्होंने जोगिन्द्रा बैंक के वर्ष 2026 के कैलेंडर का विमोचन भी किया।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सोलन विधानसभा क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित सोलन जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, विवेक शर्मा, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, सोलन नगर निगम की महापौर ऊषा शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
