स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सोलन के सौजन्य से मंगलवार को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत डलीप गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है।
डॉ. पाठक ने कहा कि नशे की लत से फेफड़ों की बीमारी, लीवर और किडनी की क्षति, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, श्वसन संबंधी समस्याएं तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल स्वयं नशे से दूर रहने, बल्कि अपने परिवार और मित्रों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल मानसिक तनाव, एकाग्रता में कमी और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल सकता है। विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और अन्य महान विभूतियों के विचारों से प्रेरणा लेने, अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करने तथा अपने जीवन के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। स्वास्थ्य विभाग ने भी युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
