सोलन के बैरटी स्थित सब्जी विकास केंद्र में जायका-इंडिया के प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने भारत-जापान ज्ञान केंद्र एवं मॉडल कृषि फार्म का शुभारंभ किया। इस अवसर पर किसान क्लस्टर मेले का आयोजन भी किया गया, जिसमें सोलन, सिरमौर और शिमला जिलों के 300 से अधिक किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान परियोजना के अंतर्गत निर्मित तीन सिंचाई उप-परियोजनाओं की अवसंरचनाओं को संबंधित कृषक विकास संघों को हस्तांतरित किया गया। यह पहल हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना-2 के अंतर्गत संचालित की जा रही है।

जायका-इंडिया प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने भारत और जापान के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और जलवायु-अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने में परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के युवा किसानों को जापान में रोजगारोन्मुख कृषि प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। चयनित युवाओं को जापानी भाषा, संस्कृति और कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण देने के बाद जापान भेजा जाएगा। प्रारंभिक चरण में 150 युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना है।

बैरटी फार्म में हिमाचल स्मार्ट फार्मिंग परियोजना के अंतर्गत स्थापित हाई-टेक पॉलीहाउस खेती प्रणाली का भी लोकार्पण किया गया। जापानी तकनीक और भारतीय नवाचार के समन्वय से विकसित यह प्रणाली किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली फसलों के उत्पादन में सहायता प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में भारत में माचा उद्योग विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से कांगड़ा जैसे चाय उत्पादक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली ग्रीन टी और माचा उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना प्रस्तुत की गई।

कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान कृषि, बागवानी और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों एवं संगठनों को सम्मानित भी किया गया।

error: Content is protected !!