यदि आप किसी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, खरीदारी या अन्य मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो उससे पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें। हिन्दू पंचांग के अनुसार शनिवार, 4 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ मास (अमांत) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचांग के आधार पर शुभ एवं अशुभ समय का ध्यान रखना विशेष फलदायी माना जाता है।
आज का पंचांग (4 जुलाई 2026)
- वार: शनिवार
- मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
- मास (अमांत): ज्येष्ठ
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: चतुर्थी (दोपहर 12:42:43 तक), इसके बाद पंचमी
- नक्षत्र: धनिष्ठा (दोपहर 1:44:39 तक)
- योग: प्रीति (शाम 5:00:56 तक)
- करण: बालव (12:42:43 तक), इसके बाद कौलव
- विक्रम संवत: 2083
- ऋतु: वर्षा
सूर्य एवं चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
- सूर्योदय: सुबह 5:27:40 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:22:57 बजे
- चंद्र राशि: कुम्भ
- चंद्रोदय: रात 10:18 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 9:07 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:57:27 बजे से 12:53:09 बजे तक
यह समय महत्वपूर्ण एवं शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
आज का राहुकाल
सुबह 8:56:29 बजे से 10:40:53 बजे तक
इस अवधि में नए कार्य, निवेश, शुभ यात्रा या मांगलिक कार्य प्रारंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।
अन्य अशुभ समय
- दुष्टमुहूर्त: 05:27:40 से 07:19:02
- कुलिक काल: 06:23:21 से 07:19:02
- कंटक काल: 11:57:27 से 12:53:09
- कालवेला: 13:48:50 से 14:44:31
- यमगण्ड: 14:09:43 से 15:54:07
- यमघण्ट: 15:40:12 से 16:35:53
- गुलिक काल: 05:27:40 से 07:12:04
दिशा शूल
आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। यदि आवश्यक यात्रा करनी हो तो परंपरागत मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करने के बाद यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।
चंद्रबल
आज निम्न राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त रहेगा—
- मेष
- वृषभ
- सिंह
- कन्या
- धनु
- कुम्भ
आज का ताराबल
आज भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद एवं रेवती नक्षत्र वालों के लिए ताराबल अनुकूल रहेगा।
धार्मिक महत्व
आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। श्रद्धापूर्वक गणेश जी की पूजा, दूर्वा अर्पित करना तथा विघ्नहर्ता का स्मरण करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने और सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।
4 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं तथा राहुकाल और अन्य अशुभ समय का ध्यान रखना उचित रहेगा। पंचांग के अनुसार दिनभर के शुभ-अशुभ समय की जानकारी लेकर अपने कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।
