भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) शिमला के राज्यव्यापी री-केवाईसी संतृप्ति अभियान के तहत यूको बैंक एवं अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय, सोलन के सहयोग से जिला परिषद सभागार सपरून में मेगा री-केवाईसी जागरूकता एवं संतृप्ति शिविर आयोजित किया गया। अभियान 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ आरबीआई शिमला के मुख्य महाप्रबंधक आर. गिरिधरन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि री-केवाईसी केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित, निर्बाध और भरोसेमंद बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश से सावधान रहें तथा साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

यूको बैंक के उप महाप्रबंधक एवं एसएलबीसी संयोजक कमल शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बैंक ग्राहक की समयबद्ध री-केवाईसी सुनिश्चित करना और सुरक्षित बैंकिंग सेवाओं को मजबूत बनाना है।

शिविर में ग्राहकों को री-केवाईसी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, वीडियो केवाईसी, स्व-घोषणा, सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के बारे में भी जानकारी देकर पात्र लोगों का नामांकन किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जिन ग्राहकों के नाम या पते में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वे स्व-घोषणा के माध्यम से भी री-केवाईसी करा सकते हैं। वहीं बदलाव होने पर अद्यतन पहचान एवं पते के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

मेगा जागरूकता शिविर में करीब 225 बैंक ग्राहकों ने भाग लिया। इस अवसर पर आरबीआई, यूको बैंक तथा विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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