सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने की प्रार्थना के लिए यह व्रत रखती हैं।

इस साल हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार तृतीया तिथि 13 सितंबर सुबह 7:08 बजे से शुरू होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक बताया गया है।

पूजा के लिए शिव-पार्वती और गणेश जी की मिट्टी या बालू की प्रतिमा, लाल चुनरी, सिंदूर, कुमकुम, चूड़ियां, मेहंदी, बिंदी, रोली, चावल, हल्दी, चंदन, दीपक, कपूर, धूप, मौली, फूल, पान-सुपारी, नारियल, बेलपत्र, दूर्वा, शमी पत्र, तुलसी, कलश, पंचामृत की सामग्री, फल, मिठाई, खीर और हलवा समेत अन्य पूजन सामग्री पहले से तैयार रखें।

Disclaimer- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.

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