धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वर्ष 2026 का ज्येष्ठ माह भक्तों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है। इस बार 5 मई से शुरू होकर 23 जून तक चलने वाले इस पावन समय में कुल 8 बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है।

मंगल ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा का कारक माना जाता है। ऐसे में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी माह में त्रेतायुग के दौरान भगवान श्री राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी, जिससे इन दिनों का आध्यात्मिक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बड़े मंगल के दिन किए गए पूजन, दान और साधना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। इस दौरान भक्तों को तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

इसके साथ ही ज्योतिष शास्त्र यह भी कहता है कि इस दिन किसी प्रकार का लेन-देन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। लाल और पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना गया है, जबकि सफेद और काले रंग से दूरी रखना बेहतर होता है।

आज के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल होने के कारण यात्रा से पहले गुड़ खाकर निकलना लाभकारी माना गया है। साथ ही, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहकर राम-नाम का जाप करना विशेष फलदायी होता है।

यह ज्येष्ठ माह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का भी सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

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