देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। पिछले एक हफ्ते में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत ₹98.64 प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल ₹91.58 प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले शुक्रवार को भी दोनों ईंधनों के दामों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ने लगा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसकी सबसे बड़ी वजह है। फरवरी के बाद से क्रूड ऑयल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों तथा उसके बाद बढ़े तनाव ने वैश्विक तेल सप्लाई को प्रभावित किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में बाधाओं के कारण तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक हालिया बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार पेट्रोल और डीजल पर कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी माना गया।
आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं, तो पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में महंगाई का असर परिवहन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक महसूस किया जा सकता है।
