नाबार्ड के महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया ने हाल ही में पशु विकास केंद्र पिपलूघाट का दौरा कर वहां संचालित पशु चिकित्सा एवं पशुधन विकास गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की उपलब्धियों और पशुपालकों को मिल रही सुविधाओं की सराहना की।
डॉ. विवेक पठानिया ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से स्थापित यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि करने में पशु विकास केंद्र पिपलूघाट महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र में पशु चिकित्सक, वेट फार्मासिस्ट, लिक्विड नाइट्रोजन सुविधा, सामान्य सीमेन स्ट्रॉ तथा आधुनिक सेक्स-सॉर्टेड सीमेन स्ट्रॉ जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सेवाओं के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर नस्ल सुधार और पशुधन विकास का लाभ मिल रहा है।
महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि केंद्र द्वारा 10 ग्राम पंचायतों में 25 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से पशुपालकों को पशुधन प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी गई है।
केंद्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 5,636 कृत्रिम गर्भाधान सामान्य सीमेन स्ट्रॉ तथा 190 कृत्रिम गर्भाधान सेक्स-सॉर्टेड सीमेन स्ट्रॉ के माध्यम से किए जा चुके हैं। इसके अलावा केंद्र में 4,277 पशुओं का सफल उपचार किया गया है तथा लगभग 9.67 लाख रुपये मूल्य की पशु दवाइयों का वितरण एवं विक्रय किया गया है।
डॉ. पठानिया ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के पशुपालक पशु चिकित्सा एवं कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं के लिए इस केंद्र को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो इसकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
दौरे के दौरान उन्होंने कामधेनु हितकारी मंच द्वारा संचालित दूध संग्रह केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर नाबार्ड सोलन के जिला विकास प्रबंधक अशोक चौहान, कामधेनु हितकारी मंच के प्रधान नानक चंद, पशु चिकित्सक डॉ. एस.एस. सेन, वेट फार्मासिस्ट दानवीर तथा मंच के अन्य पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
