सोलन जिला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) सोलन डॉ. अजय पाठक ने दी।

डॉ. अजय पाठक ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करना है, ताकि आम नागरिकों को घर बैठे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अपने भवन की फोटो सहित आवश्यक कानूनी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के बाद ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के लगभग 158 निजी क्लीनिक, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब्स का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने शेष निजी चिकित्सकों, फार्मेसी संचालकों और पैथोलॉजी लैब संचालकों से जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का आग्रह किया।

इस डिजिटल प्रणाली से जुड़ने के बाद अस्पताल, क्लीनिक, फार्मेसी और डायग्नोस्टिक लैब सीधे राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे का हिस्सा बन जाएंगे। इससे मरीजों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से जोड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और कैशलेस उपचार दावों के निपटारे को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

डॉ. पाठक ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या, त्रुटि सुधार या अन्य जानकारी के लिए संबंधित संस्थान के प्रतिनिधि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सोलन के कमरा नंबर 132 में जिला समन्वयक रविंद्र कुमार से किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क कर सकते हैं।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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